Radha Krishna Eternal Love| राधा-कृष्ण का शाश्वत प्रेम और भक्ति की पराकाष्ठा

जानिए राधा-कृष्ण के शाश्वत प्रेम की आध्यात्मिक गहराई, भक्ति की पराकाष्ठा और जीवन को बदल देने वाले प्रेम के संदेश। यह पोस्ट आपको भावनात्मक और आत्मिक
Radha Krishna Eternal Love| राधा-कृष्ण का शाश्वत प्रेम और भक्ति की पराकाष्ठा
राधा-कृष्ण : प्रेम का शाश्वत स्वरूप 1. राधा-कृष्ण का परिचय जब भी प्रेम की परिभाषा दी जाती है, तो सबसे पहले राधा और कृष्ण का नाम लिया जाता है। उनका प्रेम सिर्फ एक कथा नहीं है, बल्कि एक ऐसा अध्यात्मिक अनुभव है जो आत्मा को झंकृत कर देता है। राधा और कृष्ण भारतीय संस्कृति में केवल प्रेमी-प्रेमिका नहीं, बल्कि ब्रह्म और शक्ति का अद्वितीय संगम हैं। राधा वह शक्ति हैं जो कृष्ण को पूर्णता प्रदान करती हैं। और कृष्ण वह परब्रह्म हैं जो राधा के प्रेम में स्वयं को समर्पित कर देते हैं। 2. राधा-कृष्ण के प्रेम की उत्पत्ति राधा और कृष्ण का प्रेम जन्मों से परे है। यह प्रेम शाश्वत है — न आदि, न अंत। भागवत पुराण के अनुसार, राधा-कृष्ण का संबंध सृष्टि की उत्पत्ति से भी पहले का है। राधा को कृष्ण की आह्लादिनी शक्ति कहा गया है, यानी वह शक्ति जो आनंद उत्पन्न करती है। यह आनंद ही सृष्टि की रचना का कारण है। इसलिए राधा और कृष्ण का मिलन केवल भावनात्मक नहीं, बल्कि ब्रह्मांडीय है। जब कृष्ण वृंदावन में बाल रूप में लीला कर रहे थे, तब राधा उनका आकर्षण बनकर प्रकट हुईं। गोपियों में सबसे प्रिय राधा क…