भगवान कृष्ण के बचपन की 7 चमत्कारिक घटनाएँ और उनके गहरे आध्यात्मिक रहस्य। जानिए इन कहानियों के पीछे की प्रेरणा, सांस्कृतिक महत्व और प्रमाण।
कृष्ण के बचपन की 7 चमत्कारिक घटनाएँ और उनका रहस्य
हेलो दोस्तों! क्या आपने कभी भगवान कृष्ण के बचपन की उन रोमांचक कहानियों को सुना है, जो गोकुल और वृंदावन की गलियों में गूँजी थीं? आज हम आपको उनकी 7 ऐसी चमत्कारिक घटनाओं के बारे में बताएँगे, जो न सिर्फ हैरान करती हैं, बल्कि गहरे आध्यात्मिक सबक भी देती हैं। ये कहानियाँ *श्रीमद्भागवत पुराण* से ली गई हैं और हर एक में एक अनोखा रहस्य छुपा है। तो चलिए, कृष्ण की *बाला लीला* के इस जादुई सफर पर निकलते हैं! कृष्ण का बचपन: एक दिव्य कहानी की शुरुआत कृष्ण को हम भगवान विष्णु का आठवां अवतार मानते हैं। उनका जन्म मथुरा में देवकी और वसुदेव के यहाँ हुआ, लेकिन उनका पालन-पोषण गोकुल में नंद और यशोदा ने किया। उनके चाचा कंस, जो एक क्रूर राजा था, को भविष्यवाणी मिली थी कि देवकी का आठवां बेटा उसका काल बनेगा। इस डर से कंस ने कई कोशिशें कीं, लेकिन कृष्ण की लीलाएँ हर बार उसे चकमा दे गईं। उनके बचपन की कहानियाँ न सिर्फ रोमांचक हैं, बल्कि भक्ति, करुणा और प्रकृति संरक्षण जैसे गहरे सबक भी देती हैं। आइए, इन 7 चमत्कारिक घटनाओं और उनके रहस्यों को गहराई से जानते हैं। 1. जन्म की रक्षा: कंस के चंगुल से बचाव कृष्ण का जन्म मथुरा की ज…